ऑर्डर किया वेज पिज्जा, आ गया नॉनवेज..गुस्से में महिला ने कंपनी पर ठो’का केस! मांगा 1 करोड़ मुआवजा

नॉन वेज पिज्जा मिलने पर महिला ने कंपनी के खिलाफ ठोका केस

आज के डिजिटल युग में हर कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करना संभव है. खासकर मेट्रो सिटीज में इसका चलन काफी अधिक है, फूड लवर्स घर बैठे तरह-तरह की डिश खाना पसंद करते हैं. ऐसे में कई बार ऑनलाइन ऑर्डर करते समय लोगों को कई तरह की प्रोब्लस भी देखने को मिलती हैं. कई बार ऑर्डर कुछ क्या होता है और आ कुछ जाता है.

इन दिनों दिल्ली का एक ऐसा ही मामला काफी चर्चा में है जहां एक महिला ने वेज पिज्जा ऑर्डर किया, लेकिन उसको नॉन वेज पिज्जा डिलीवर हो गया. इसके बाद यह गुस्से से लाल हो गई और उसने कंपनी पर केस कर दिया।

दरअसल बताया यह जा रहा है कि, एक वेजिटेरियन महिला को एक अमेरिकी पिज्जा कंपनी ने नॉनवेज पिज्जा की डिलिवरी कर दी। इससे नाराज महिला ने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता अदालत का रुख किया और एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला का नाम दीपाली त्यागी बताया जा रहा है जिसने अपनी याचिका में दावा किया है कि वह अपनी “धार्मिक मान्यताओं, शिक्षाओं, पारिवारिक परंपराओं, खुद के विवेक और अपनी पसंद” के कारण शुद्ध शाकाहारी हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाली दीपाली ने याचिका में कहा है, ”मैंने 21 मार्च, 2019 को पिज्जा आउटलेट से शाकाहारी पिज्जा के लिए ऑर्डर दी थी। उस दिन होली का दिन था। मैं और मेरे बच्चे त्योहार मनाने के बाद भूखे थे। कंपनी ने 30 मिनट में डिलीवरी करने के समय सीमा के विपरीत पिज्जा की देर से डिलिवरी की। हालांकि, मैंने इसे अनदेखा कर दिया। पिज्जा का एक टुकड़ा जैसे ही मैंने खाया तो मुझे महसूस किया कि यह एक मांसाहारी पिज्जा है। पिज्जा में मशरूम के बजाय मां’स के टु’क’ड़े थे।”

इसके बाद वह कंज्यूमर कोर्ट पहुंची और शिकायत दर्ज करा दी. महिला के वकील फरहत वारसी ने उपभोक्ता अदालत को बताया कि दीपाली ने तुरंत कस्टमर केयर पर फोन किया। उनकी इस लापरवाही की शिकायत की कि शुद्ध शाकाहारी लोगों के घर में नॉन-वेज पिज्जा पहुंचाया गया है।

दीपाली के मुताबिक, इसके बाद 26 मार्च, 2019 को एक व्यक्ति जिसने खुद को पिज्जा आउटलेट के जिला प्रबंधक बताया, ने दिपाली को फोन किया और पूरे परिवार को नि: शुल्क पिज्जा की सेवा देने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, दीपाली ने उसे फिर से कहा कि यह एक साधारण मामला नहीं है। कंपनी ने उनकी धार्मिक प्रथाओं को बिगाड़ दिया है। इस घटना ने एक स्थायी मान’सिक पी’ड़ा दी है, जिससे उसे लंबे समय तक गुजरना होगा। इसके लिए उसे महंगे अनुष्ठान करने होंगे, जिसके लिए लाखों रुपए खर्च होंगे। अब यह मामला हर तरफ चर्चा में बना हुआ है और लोग सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा कर रहे हैं.

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