UP: जेल में बंद कैदियों ने बाहर आने से किया मना, कहा- हम सजा पूरी करेंगे, बाहर नहीं जाएंगे..

कैदियों ने जेल से बहार आने को किया मना

क्या कभी आपने ऐसा सुना है कि, जेल में बंद कैदियों को बाहर जाने का मौका दिया जा रहा हो और बाहर आने से मना कर दें. शायद इस बात को सुनकर आप काफी हैरान होंगे, लेकिन इन दिनों उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों से ऐसे ही मामले देखने को मिले हैं. दरअसल जेलों से भीड़ कम करने के लिए कैदियों ( UP Criminals not want Parole) की पैरोल पर रिहाई और अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा रहा है.

लेकिन यूपी की जेलों में बंद कैदियों ने पेरोल लेने से ही इंकार कर दिया. उनका कहना है कि, वह अभी जेल से बाहर नहीं जायेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी की 9 जिलों के 23 कैदियों (UP Criminals Not Want Parole) ने लिखकर दिया है कि वे पैरोल पर रिहा होना नहीं चाहते। जेल में रहकर ही अपनी सजा पूरी करना चाहते हैं. इस खबर को सुनकर हर कोई हैरान है और यह सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में बना हुआ है. इस मामले पर यूपी के डीजी जेल पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, पहली वजह तो यह है कि पैरोल पर रिहा होने के बाद वापस जेल में आकर अपनी सजा पूरी करनी ही होती है.

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है. पैरोल पर बाहर न जाने वाले कैदियों को महसूस हो रहा है कि वे जेल में ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ हैं, शायद इसीलिए वह पैरोल पर बाहर जाना नहीं चाहते हैं. वहीं गाजियाबाद से भी ऐसा ही मामला सामने आया, इसपर जेल सुप्रीटेंडेंट ने बताया कि, कैदियों ने बाहर आने से मना किया और कहा कि, जेल में ज्यादा अच्छी स्वास्थ्य सुविधा है. कोरोना को लेकर सब मेडिकल इंतजाम हैं, इसलिए हम यही रहेंगे और सजा पूरी करेंगे।

कई शहर की जेल में बंद कैदियों ने किया इंकार

आपको बता दें कि, यह सिर्फ एक जिले का मामला नहीं है। बल्कि कई जिलों की जेल में बंद कैदियों ने पेरोल लेने से इंकार कर दिया है. खबरों के मुताबिक, डीजी जेल ने बताया कि महाराजगंज जेल के दो, झांसी जेल के एक, मेरठ जेल के एक, आगरा जेल के एक, गाजियाबाद जेल के चार, गोरखपुर जेल के चार, लखनऊ जेल के सात, रायबरेली जेल के दो और नोएडा जेल के एक बंदी ने पैरोल पर रिहा होने से मना किया है.

इन कैदियों ने जेल प्रशासन को लिखकर दिया है कि वे पैरोल पर जेल से बाहर जाना नहीं चाहते. डीजी जेल ने बताया कि यूपी की जेलों में 45 साल से ऊपर के 92% बंदियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ मिल चुकी है और इनमें से 50% बंदियों को दोनों डोज़ मिल चुकी हैं. लिहाजा यूपी की जेलों के बंदी और कैदी खुद को ज्यादा स्वस्थ और सुरक्षित महसूस करते हैं.

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