गजब: वो लोग जो पाकिस्तान से आए और भारत में बन गए अरबपति, कई बड़े नाम शामिल..

People who come from pakistan and become rich in India

भारत देश में बहुत से अरबपति लोग हैं जो मूलतः पाकिस्तान से आते हैं. अविभाजित भारत के सिंध और बलूचिस्तान प्रांत के ये लोग या उनके पूर्वज बंटवारे (Pakistan People Become Rich In India) के बाद भारत के कई राज्यों में बस गए. लेकिन इनकी मेहनत और किस्मत ने इनका साथ दिया और बंटवारे के बाद जब यह लोग भारत आये तो अपना व्यापार शुरू किया। कई लोगों को व्यापार में ऐसी सफलता मिली कि, वह लोग आज देश के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं.

आज हम आपको कुछ ऐसी ही लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं जो भले ही आये पाकिस्तान से, लेकिन आज वह देश के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं.कई तो अपने क्षेत्र के बड़े दिग्गजों में से एक हैं. तो कुछ फिल्म इंडस्ट्री में अपना जलवा बिखेर रहे हैं.

हीरानंदनी ग्रुप के मालिक निरंजन

जी हां इस लिस्ट में सबसे पहले हम बार करते हौं उस शख्स (People came from Pakistan and become Rich in India) की जो आज भारत नहीं दुनिया में सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं. पाकिस्तान से हिंदुस्तान आकर बसे ऐसे ही लोगों में से हैं निरंजन हीरानंदानी. हीरनंदानी ग्रुप के इस मालिक के पिता और पद्मश्री विजेता लखुमल हीरानंद हीरनंदानी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जन्मे और वहीं से अपना काम शुरू किया था. हालांकि विभाजन के बाद उनका परिवार भी हिं’सा की लप’टों में आ गया और हीरनंदानी परिवार के बचे-खुचे सदस्यों को भारत आना पड़ा.

अस्सी की शुरुआत में बेटे निरंजन ने मुंबई के कांदीवली में टेक्सटाइल के छोटे से व्यापार से शुरुआत की और साल 2017 में उनका नाम फोर्ब्स की लिस्ट में आया, जो दुनियाभर के 100 अमीरों की बात करती है.

सिंधी-हिंदू परिवारों का मुख्य पेशा बिजनेस ही रहा

सिंधी-हिंदू परिवारों का मुख्य पेशा बिजनेस ही रहा. हालांकि राजनीति से लेकर ग्लैमर इंडस्ट्री में भी इन्होंने खूब नाम कमाया. ऐसा ही एक नाम है फिल्म एक्ट्रेस करीना कपूर की मां बबीता कपूर. बबीता भी पाकिस्तान के कराची के बर्न्स रोड में हुआ था. उनके पिता हरि शिवदासानी हिन्दू सिंधी परिवार से थे, जो विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आ गए.

कॉमेडियन असरानी भी पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आए

इसी तरह से कॉमेडियन असरानी भी पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आए. असरानी का परिवार जयपुर में बस गया, जहां उनके पिता ने काफी छोटे स्तर पर कारपेट की दुकान शुरू की. विभाजान के बाद भारत आए असरानी तब लगभग 7 साल के थे और उनके मन पर इसका गहरा असर हुआ था. बाद के अपने कई इंटरव्यू में उन्होंने इसका जिक्र किया.

वकील राम जेठमलानी भी सिंध से थे

देश के जाने-माने वकील राम जेठमलानी भी सिंध से थे. पिछले ही साल उनका नि’धन हुआ. जेठमलानी का जन्म ब्रिटिश शासन के शिका’रपुर शहर में हुआ जो आजकल पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त में है. साल 1923 में जन्मे जेठमलानी ने अपना करियर पाकिस्तान में एक लॉ प्रोफेसर के तौर पर शुरू किया था, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच 1948 में कराची में दं’गे भ’ड़क जाने के बाद जेठमलानी को पाकिस्तान छोड़कर भारत आना पड़ा था.

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