फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, कहा- कश्मीरी खुद को नहीं मानते भारतीय, चाहते हैं चीन उन पर करे शासन

farooq abdullah on 370

धारा 370 हटने के बाद से कश्मीर में काफी शांति और बदलाव देखने को मिल रहा है. तो वहीं एक बार फिर वहां की सियासत गर्म होती नजर आ रही है. इसी बीच फारूक अब्दुल्ला ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिससे हल’चल काफी तेज हो गई है.

दरअसल जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah onn Article 370) ने कहा कि इस वक्त कश्मीर के लोग खुद को भारतीय नहीं मानते और चाहते हैं कि चीन उन पर शासन करे. द वायर को दिए एक इंटरव्यू में फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरियों को ‘गुलाम’ बताया, जिनके साथ देश में दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार हो रहा है.

सेना हटा ली जाए तो कश्मीर के लोग करेंगे कानून के खिलाफ प्र’द’र्शन

गौरतलब है कि, यह कोई पहला मामला नहीं है जब उन्होंने इस तरह का बयान दिया है. इससे पहले भी धा’रा 370 और अन्य मुद्दों को लेकर वह बया’नबा’जी करते रहे हैं. लेकिन अब उनकी तरफ से जो बयान सामने आया है वह काफी हैरान करने वाला है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ ने भारतीय जनता पार्टी पर नि’शा’ना सा’धते हुए कहा कि, जम्मू कश्मीर के लोगों ने पिछले साल अगस्त में आर्टिकल 370 को हटाने के फैसले को स्वीकार कर लिया. उन्होंने दावा किया कि अगर कश्मीर की सड़कों से सेना को हटा लिया जाए तो इस फैसले के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रो’टे’स्ट करते हुए लोग सामने आएंगे.

बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को संविधान के आर्टिकल 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाने का फैसला लिया था. जिसके तहत राज्य को विशेष दर्जा प्राप्त था. सरकार की ओर से कहा गया था कि आर्टिकल 370 ने राज्य के विकास को रोक दिया. इसकी वजह से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों के विकास रुक गए और यह घाटी में आ’तं’कवा’द को रोकने में भी सहायक नहीं है.

कश्मीरियों को अब सरकार पर कोई भरोसा नहीं

आपको बता दें कि, आर्टिकल 370 हटाने के बाद घाटी में CRPC की धारा 144 लागू कर दी गई थी. जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि, कश्मीरियों को अब सरकार पर कोई भरोसा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने धो’खा दिया है. अब्दुल्ला ने कहा कि, जब उन्होंने घा’टी में बढ़ते सैनिकों की संख्या को लेकर सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि यह केवल सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है.

अब्दुल्ला ने कहा कि आर्टिकल 370 के निर’स्त होने से ठीक 72 घंटे पहले उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक और नेता शेख अब्दुल्ला के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. उन्होंने राज्य में आर्टिकल 370 और 35A जारी रखने के बारे में आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा कि मोदी ने आर्टिकल 370 और 35A के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा था.

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