चीन की एक और सा’जिश का हुआ खुलासा, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठ’गे 1100 करोड़ रुपये..

Chinese Thug arrested by Hyderabad police

चीन की नापा’क हर’कत लगातार जारी है. एक एक करके उसके का’ले कार’नामों का खुलासा हो रहा है. हवा’ला कारोबार के खुलासे के बाद अब एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ची’नी नागरिक (Chinese Th’ug Arre’sted) के इशारे पर देश में करोड़ों रूपए का लेन-देन किया जा रहा था.

ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए लोगों से पैसे लू’टे जा रहे थे. वहीं इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ ए’क्शन लिया और गिर’फ्तार कर लिया गया.

हैदराबाद पुलिस ने ची’नी ठ’ग को किया गिर’फ्तार

भारत में रहकर चीन का एक गि’रोह ऑनलाइन गेमिंग (Chinese th’ug loo’ted crores in India) के नाम पर नया खेल खेल रहा था. गेमिंग के नाम पर उसने देश के लोगों से करोड़ों रुपये हासिल कर लिए. लेकिन इस ठ’ग (Hyderabad Police Arr’est Chinese Th’ug) का पुलिस ने पर्दा’फा’श कर दिया और उसको गिर’फ्तार कर लिया। ची’नी नागरिक को पुलिस ने गिर’फ्तार कर लिया है. इस नागरिक को ही पूरे ऑनलाइन गे’मिंग धो’खाध’ड़ी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, ची’नी नागरिक के साथ ही उसके तीन भारतीय साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है. रिपोर्ट्स के मुआबिक, हैदराबाद पुलिस कमिश्नर, अंजनी कुमार ने कहा कि, ये सब गे’मिंग वेबसाइट्स चाइना बेस्ड है, और जो इसका पूरा डेटा है, वो क्लाउड बेस्ड डेटा मैनेजमेंट है, पूरा ऑप’रेशन ची’न से ही ऑप’रेट होता है.

इस तरह हुआ ठ’ग का प’र्दाफ़ा’श

दरअसल दो लोगों ने हैदराबाद पुलिस से शिका’यत की थी कि उन्हें ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट (Online Gaming Websites) द्वारा लू’टा गया है, शिकायत के मुताबिक ऑनलाइन वेबसाइट पर इनसे दां’व लगवाया गया. फिर एक से 97 हजार और दूसरे से 1 लाख 64 हजार रूपए धो’खे से ले लिए गए. दोनों की शिका’यत के आधार पर हैदराबाद पुलिस की साइबर क्रा’इम सेल ने जांच शुरू की, जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग का आयो’जन टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए किया जाता है.

इन ग्रुप्स में सिर्फ रेफरेंस के आधार पर एंट्री मिलती थी. ग्रुप्स से जुड़े लोगों को नए मेंबर बनाने पर कमी’शन दी जाती थी. इसमें टेलीग्राम वो इस्तेमाल होता था, और टेलीग्राम ग्रुप में सिर्फ रेफ’रेंस ही एंट्री मिल सकती है.

टेलीग्राम से होता था सारा खेल

जी हां ची’नी ठ’गों का पूरा खेल टेलीग्राम पर खेला जाता था. इस एप पर मौजूद ग्रुप्स में एडमिन उन वेबसाइट्स के बारे में बताते थे जहां पर दां’व लगाए जाते थे, ये वेबसाइट्स रोज बदल दी जाती थी, जिससे पकड़े जाने की गुंजा’इश बेहद कम हो जाए. इसके बाद एक रंग के जरिए दां’व लगाने वाला गेम खिलाया जाता था, इसमें खिलाड़ियों को रंग पहचानने की भविष्य’वाणी करनी होती थी. यानी अगर आपने जो रंग बोला, वही रंग गेम में निकल आता तो आप जीत जाते, ऐसा करके सैकड़ों करोड़ रूपए इन्होंने अबतक बना लिए थे. जांच में दो खातों का भी पता चला है जिनमें करीब 11 सौ करोड़ रूपए का लेनदेन हुआ है, और ये सारा लेनदेन इस साल का ही है.

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