चाय वाले की बेटी बनी फ्लाइंग ऑफिसर, वायु सेना के लिए छोड़ी 2 सरकारी नौकरियां

कहते हैं ना कि अगर आप कड़ी मेहनत करो तो कोई भी ऐसी चीज़ नहीं है। जिसको आप पा नहीं सकते। इस बात को सच कर साबित कर दिखाया है मध्यप्रदेश की एक जांबाज बेटी ने। जिसने ना सिर्फ अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। चाय विक्रेता की बिटिया अंचल गंगवाल को वायु सेना में फ्लाइंग अफसर का कमीशन मिला है।

पिता चाय की दुकान चलाते हैं

उनके पिता आज भी नीमच में चाय की दुकान चलाते हैं। 20 जून को हैदराबाद में संयुक्त स्नातक पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया था। मार्च पास्ट के बाद आंचल गंगवाल को राष्ट्रपति पट्टिका से सम्मानित किया गया। आंचल को भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएफ भदोरिया की मौजूदगी में फ्लाइंग अवसर के रूप में कमीशन मिला वायु सेना के प्रति आकर्षण शुरू से रहा है। इसलिए उन्होंने अपनी दो सरकारी नौकरियों को भी छोड़ दिया।

उत्तराखंड त्रा’सदी के वक्त वायु सेना का हिस्सा बनने का फैसला किया

आंचल ने उत्तराखंड त्रा’सदी के वक्त वायु सेना का हिस्सा बनने का फैसला किया. मेहनती आंचल पहले मध्य प्रदेश में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थीं. उसे छोड़ने के बाद उनका चयन श्रम इंस्पेंक्टर के पद पर हुआ। मगर आंचल का मकसद तो वायु सेना अफसर बनने का था। अपने सपनों को पंख देने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी की परवाह नहीं की। दोनों नौकरियों से अलग होने के बाद उन्होंने वायु सेना का सफर तय किया।

आखिरकार जब शनिवार को पासिंग आउट परेड में बेटी को मार्च बात करते हुए परिवार ने देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। परिजनों की आंखों में आंसू थे हालांकि उनके पिता सुरेश को कार्यक्रम में शिरकत करने हैदराबाद जाना था। मगर कोरोनावायरस की वजह से ऐसा नहीं हो पाया जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बेटी को ऑनलाइन ही देखा

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