भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए आम’रण अनशन करेंगे अयोध्या के महंत, पढ़ें पूरी खबर

देश में इन दिनों जहां चुनाव को लेकर सियासी हल’चल काफी तेज देखने को मिल रही है. तो वहीं एक बार फिर साधु-संतों ने हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग उठाई है। हिंदू राष्ट्र के लिए अयोध्या (Ayodhya sant demand Hindu Rashtra) की तपस्वी छावनी के महंत परमहंस 12 अक्टूबर से आ’म’रण अनशन करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महंत परमहंस ने इसकी सूचना पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रपति को दे दी है। बता दें कि परमहंस इससे पहले राम मंदिर के लिए 12 दिनों तक आ’म’रण अनशन कर चुके हैं. जिस पर मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें मंदिर निर्माण का आश्वासन देकर अन’शन तु’ड़’वाया था।

भारत एक हिंदू राष्ट्र है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता

संघ किसी भी विचार में विश्वास नहीं करता है और उसे किसी भी पुस्तक से दर्शाया जा सकता है, ‘जिसमें संघ के दूसरे प्रमुख एम एस गोलवकर की किताब भी शामिल है। उन्होंने कहा, संघ का मूल्य यह है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के देखरेख में 11 सितंबर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नींव के परीक्षण का काम शुरू हो गया था। मंदिर की नींव में जमीन से 100 फीट नीचे लगभग 1200 पिलर्स लगाए जाएंगे। एक मीटर व्यास के एक पिलर को शुरुआती तौर पर लगाया गया है। एक महीने में इसकी अलग-अलग तरह की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद 15 अक्टूबर के आसपास बाकी के पिलर्स लगाने का काम शुरू हो जाएगा।

राम मंदिर का निर्माण कार्य तेज

कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा कहते हैं, नींव तैयार होते ही शिलाएं रामजन्मभूमि परिसर की ओर रवाना होने लगेंगी। टनों वजनी शि’ला’एं ले जाने के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में विशेष वाहन प्रयुक्त होंगे और इसके लिए विशेष मार्ग का प्रयोग भी करना पड़ेगा। हनुमानगढ़ी चौराहा की ओर से न्यास कार्यशाला रामजन्मभूमि से बमुश्किल डेढ़ किलोमीटर दूर है, पर शिलाएं कहीं अधिक प्रशस्त पंचकोसी परिक्रमा मार्ग से करीब पांच किलोमीटर का सफर तय कर टेढ़ीबाजार चौराहा की ओर से रामजन्मभूमि परिसर तक पहुंचेंगी। शिलाओं की निकासी के लिए कार्यशाला परिसर में दक्षिण की ओर विशेष द्वार भी बनाये जाने की तैयारी है।

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